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इंसुलिन देने का क्या है सही तरीका

अगर डायबिटीज के कारण आपकी स्थिति गंभीर हो गयी है तो आपको प्रतिदिन इन्सुलिन का इंजेक्शन लेना पड़ता है।
इन्सुलिन की जरूरत टाइप 1 डायबिटीज में पड़ती है। इसके अलावा टाइप 2 डायबिटीज में शुगर का स्तर जब किसी भी दवा से नियंत्रित नहीं होता, उन महिलाओं को जिन्हें गेस्टशनल डायबिटीज है और जो सही भोजन और व्यायाम नहीं करती उन्हें अपने ब्लड शुगर के स्तर को कम करने के लिए इन्सुलिन की जरूरत होती है।
इन्सुलिन को सीरीन्ज में डालना और उसे लगाना काफी आसान है। इस इन्जेक्शन को लगाने से न तो ज्यादा दर्द होता है और ना ही इसके दर्द का असर ज्यादा देर तक रहता हैं।
इन्सुलिन को त्वचा के मोटे हिस्से में अंदर की और डाले, अगर निडील नसों में जाती है तो इसका असर जल्दी होगा। यह खून के साथ जल्द मिल जाएगा। आपको शरीर के जिस हिस्से में इन्सुलिन लगाना है वह है पेट और हाथ का उपरी हिस्सा। आप कूल्हे के किसी भी हिस्से में इन्सुलिन लगा सकते हैं।
इन्सुलिन इन्जेक्शन लगाने की विधि
इन्जेक्शन लगाने के हिस्से का चुनाव करें। इन्जेक्शन लगाने वाले जगह को साबुन पानी से धो लें। अपनी उगंलियों से उस जगह को चिकोटी काट कर देखें। त्वचा को दूसरे हाथ से 90 डिग्री के ऐंगल से पकड़े। पतले लोगों एवं बच्चों के लिए 45 डिग्री के एगल से पकड़े। निडील को त्वचा के मोटे हिस्से में अंदर की और डाले, और उस त्वचा को छोड़ दें। धीरे से इन्जेक्शन को दबाएं जब तक कि वह पूरी तरह से अंदर न चला जाए। इन्जेक्शन को उसी एंगल में त्वचा से धीरे से निकाल लें जिस एंगल में डाला था और उस जगह को दबा दें। इन्जेक्शन का एक बार ही इस्तेमाल करें और इन्जेक्शन का कन्टेनर बंद कर दें और फेंक दें।


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