रांची::डोरंडा विद्युत डिवीजन क्षेत्र के हेसाग गांव में सरकारी विद्युत सामग्री की कथित बरामदगी के मामले में विद्युत विभाग की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष संजय महली की शिकायत के बाद विभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में अनवर अंसारी के आवास पर छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान बिजली के तार, केबल, ट्रांसफॉर्मर, इंसुलेटर, एमसीबी बॉक्स, रेल पोल समेत बड़ी मात्रा में अन्य विद्युत उपकरण बरामद किए जाने का दावा किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बरामद सामग्री की कीमत करोड़ों रुपये होने की संभावना है। हालांकि, सामग्री की वास्तविक कीमत और उसके सरकारी होने की पुष्टि विस्तृत जांच एवं विभागीय सत्यापन के बाद ही हो सकेगी।
कार्रवाई के दौरान विद्युत अधीक्षण अभियंता कार्यालय और डोरंडा डिवीजन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टीम द्वारा बरामद सामग्री की गिनती, पहचान और सूची तैयार की जा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद सामग्री विभाग के किस भंडार, योजना या कार्यस्थल से संबंधित है।
मौके पर कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता सौरव कुमार समेत कनीय अभियंता और अन्य विभागीय कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में बरामद सामग्री का मिलान और दस्तावेजीकरण किया गया।
विभागीय जांच में अब यह पता लगाया जाएगा कि बरामद विद्युत उपकरण कहां से आए और यदि ये सरकारी संपत्ति हैं तो इन्हें निजी परिसर में किस परिस्थिति में रखा गया था। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि मामले में किसी तरह की अनियमितता अथवा सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग की स्थिति तो नहीं है।
फिलहाल विभागीय टीम द्वारा बरामद सामग्री की विस्तृत सूची तैयार की जा रही है। जांच और मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई और बरामद सामग्री की वास्तविक कीमत को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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