Celebrating the Real Spirit of Real India

डायबिटीज की समस्याओं से कैसे बचें

डायबिटीज वह अवस्था है जब रक्त में शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। ऐसी परिस्थिति तब होती है, जब शरीर द्वारा इंसुलिन का अप्रभावी उत्पादन या उपयोग होता है। आम तौर पर डायबिटीज के लक्षण मामूली स्वास्थ्य समस्याओं की तरह होते हैं इसलिए इनको पहचानना जरा मुश्किल होता है। लेकिन जरा सी सावधानी बरतकर आप इस बीमारी की जटिलताओं से बच सकते हैं।
ब्लड शुगर के स्तर पर नियंत्रण रखें
डायबिटीज की जटिलताओं से बचने के लिए नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करवाते रहना चाहिए। ब्लड शुगर को नियंत्रित रख कर डायबिटीज की जटिलता के जोखिम को कम किया जा सकता है। अगर आप उच्च रक्तचाप या मोटापे से ग्रस्त हैं तो आपको शुगर के स्तर की जांच जल्दी-जल्दी करवानी चाहिए।
अधिक प्रोटीन वाले आहार का सेवन करें
डायबिटीज के शिकार लोगों को अपने आहार में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थो को शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए जिनमें कार्बोहाइड्रेट और वसा की अधिकता हो। प्रोटीन, चयापचय दर को बढ़ाकर ऊर्जा के स्तर को बनाये रख सकता है। 
रक्तचाप पर नियंत्रण रखें
उच्च रक्तचाप का असर दिल, किडनी और आंखों पर पड़ता है। डायबिटीज रोगियों में उच्च रक्तचाप बहुत ही आम होता है। साथ ही ऐसे लोगों में स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी अधिक रहता है। रक्तचाप पर नियंत्रण कर कोई भी डायबिटीज के जोखिम से आसानी से बच सकता है।
पैरों की दैनिक जांच करें 
डायबिटीज में पैरों में रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे पैरों में अल्सर और संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। कई बार इसके कारण अंग विच्छेदन की जरूरत भी पड़ सकती है। डायबिटीज रोगियों को यह सलाह दी जाती हैं कि वह दैनिक आधार पर अपने पैरों के घाव और दरारों की जांच करें। और किसी भी तरह का घाव या दरार दिखाई देने पर तुरंत इलाज के लिए डाक्टर से परामर्श लें।
आंखों की देखभाल करें
लंबेे समय तक डायबिटीज के कारण छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है। यह मधुमेह रेटिनोपैथी की बड़ी वजह होती है। यह अंधेपन के प्रमुख कारणों में से भी एक है। इसलिए डायबिटीज रोगियों को प्रतिवर्ष एक बार अपनी आंखों की जांच जरूर करवानी चाहिए। डायबिटीज की जटिलताओं से बचने के लिए आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
व्यायाम करें
व्यायाम करने से शरीर में खून का दौरा सही रहता है और खून में शक्कर की मात्रा भी नियंत्रण में रहती है। इस वजह से हाई मेटाबॉलिज्म और मधुमेह का कम खतरा रहता है। इसलिए, यदि आपको डायबिटीज की समस्या है तो उसे नियंत्रण में रखने के लिए व्यायाम से आपको काफी मदद मिल सकती है।
फाइबर युक्त आहार का सेवन करें 
खून में से शुगर को सोखने में फाइबर का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसलिये आपको गेहूं, ब्राउन राइस या वीट ब्रेड आदि खाना चाहिये जिससे शरीर में ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहेगा, जिससे डायबिटीज का खतरा कम होगा। इसके अलावा कई सब्जियों में भी उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है।
ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें
फलों में प्राकृतिक चीनी का मिश्रण होता है और यह शरीर को हर तरह का पोषण देते हैं। ताजे फलों में विटामिन ए और सी होता है जो कि खून और हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाये रखता है। इसके अलावा इनमें जिंक, पोटैशियम, आयरन का भी अच्छा मेल पाया जाता है। इनमें कैलोरी कम और विटामिन सी, बीटा कैरोटीन और मैगनीशियम ज्यादा होती हैं, जिससे मधुमेह ठीक होता है।
फास्ट फूड से परहेज करें
फास्ट फूड में न केवल खूब सारा नमक होता है बल्कि शक्कर और कार्बोहाइड्रेट तेल के रूप में होता है। यह सब आपके ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाते हैं।
तनाव कम करें
ऑक्सीटोसिन और सेरोटिन दोनों ही नसों की कार्यक्षमता पर असर डालते हैं। तनाव के समय जब एड्रानलिन का रिसाव होता है तब यह बाधित हो जाता है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।


Post a Comment

Previous Post Next Post